नई Import Tariffs से EV मार्केट में बदलाव
2026 में वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मार्केट में इम्पोर्ट टैक्स और टैरिफ में बदलाव देखा जा रहा है। कई देशों ने EV पर नए टैक्स लगाए हैं, जिससे इन वाहनों की कीमतों में उतार‑चढ़ाव हो सकता है। अमेरिका में लागू 25% टैरिफ के कारण विदेशी निर्माताओं को EV महंगी बेचना पड़ रही है, जिससे Tesla और अन्य ब्रांडों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
भारत और यूरोपीय संघ के ट्रेड डील से संभावित असर
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) में आयातित यूरोपीय कारों पर टैक्स को चरणबद्ध तरीके से घटाने का प्रस्ताव है। इससे BMW, Audi और Mercedes जैसी प्रीमियम ब्रांड्स की कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, EVs पर पहली पांच साल में अतिरिक्त राहत नहीं दी गई, ताकि घरेलू EV निर्माता जैसे Tata और Mahindra सुरक्षित रहें।
Tesla के लिए भारत में चुनौतियाँ
Tesla ने भारत में Model Y और अन्य इलेक्ट्रिक कारों की कीमतें उच्च टैक्स के कारण 60‑70 लाख रुपये के आसपास तय की हैं। इसके अलावा प्रस्तावित EV टैक्स पैनल की सिफारिश के अनुसार महंगी EVs पर GST बढ़ सकता है। इससे विदेशी ब्रांडों की कीमतों में और उछाल आ सकता है, जबकि घरेलू कंपनियों को कुछ फायदा मिल सकता है।
उपभोक्ताओं के लिए फायदे और चुनौतियाँ
यदि भारत टैक्स में कटौती करता है, तो यूरोपीय EVs की कीमतें घट सकती हैं और ग्राहकों को ज्यादा विकल्प और बेहतर कीमत मिल सकती है। वहीं, उच्च टैक्स वाली नीति से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और भारत धीरे‑धीरे EV मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है।