Q3 में Paytm का बड़ा टर्नअराउंड
फिनटेक कंपनी Paytm (One97 Communications Ltd.) ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) में ₹225 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछली तिमाही में कंपनी को ₹208 करोड़ का नुकसान हुआ था। यह लगातार तीसरी तिमाही है जब Paytm लाभ में रिपोर्ट कर रहा है, जो उसके व्यवसाय में स्थिरता और रणनीतिक सुधार का संकेत है।
राजस्व वृद्धि और लाभ के पीछे की कहानी
भुगतान सेवाओं का बढ़ता योगदान
Q3 में Paytm का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 20% बढ़कर ₹2,194 करोड़ तक पहुंच गया। भुगतान सेवाओं से होने वाली आमदनी में 21% और नेट पेमेंट रेवेन्यू में 25% तक की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के UPI लेनदेन ने पिछले नौ महीनों में 35% वृद्धि दर्ज की, जो औद्योगिक औसत से अधिक है।
मरचेंट सब्सक्रिप्शन और वित्तीय सेवाओं का प्रभाव
Paytm के मरचेंट सब्सक्रिप्शन सेवाओं ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। अब 1.44 करोड़ से अधिक सब्सक्रिप्शन उपकरण सक्रिय हैं। इसके साथ ही वित्तीय सेवाओं के वितरण से 34% की वृद्धि दर्ज हुई है। RBI के Payments Infrastructure Development Fund (PIDF) से मिलने वाले ₹216 करोड़ इंसेंटिव्स ने मार्जिन को और मजबूत किया।
शेयर बाजार में प्रतिक्रिया और निवेशकों के विचार
हालांकि वित्तीय परिणाम मजबूत रहे, Paytm के शेयरों में लगभग 4% की गिरावट देखने को मिली। इसका कारण बाज़ार की व्यापक बेचैनी और भविष्य की उम्मीदों का संतुलन माना जा सकता है। निवेशक इसे लाभ में वापसी का सकारात्मक संकेत मान सकते हैं, लेकिन बाजार में उतार‑चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है।
क्या यह खरीद का सही समय है?
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तीसरी लाभदायक तिमाही यह संकेत देती है कि Paytm ने अपने व्यवसाय को स्थिर किया है। हालांकि, निवेशकों को शॉर्ट‑टर्म उतार-चढ़ाव और लंबी अवधि की संभावनाओं का संतुलन देखना चाहिए। व्यक्तिगत विश्लेषण और सलाह लेना हमेशा महत्वपूर्ण है।