सोने और चांदी पर निवेशक लंबे समय से ध्यान दे रहे हैं, लेकिन हाल ही में एक “भूल चुकी” commodity यानी चांदी (Silver) ने सभी को चौंका दिया। MCX पर चांदी की कीमतें अचानक गिरकर 25% नीचे आ गईं, जिससे निवेशकों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि क्या यह dip खरीदने का अवसर है।
चांदी में तेज गिरावट के पीछे क्या कारण हैं
पिछले कुछ महीनों में चांदी ने record highs छुए थे, लेकिन investor profit booking और global markets में डॉलर की मजबूती ने अचानक sell-off को तेज कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि speculative inflows भी इस गिरावट को बढ़ावा देने वाले कारकों में शामिल हैं। इस गिरावट से चांदी का भाव लगभग ₹4,00,000 से ₹2,90,000 प्रति किलो तक लुढ़क गया।
क्या यह सिर्फ profit booking है या trend बदल रहा है?
Commodity markets में sharp correction आमतौर पर मुनाफावसूली का नतीजा होता है। जैसे ही चांदी ने high points को छुआ, कई निवेशकों ने अपने फायदे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। इसके अलावा global equity volatility ने भी इस गिरावट को तेज किया।
निवेशकों के लिए अवसर या खतरा?
जहां short-term traders के लिए यह गिरावट चिंता का विषय हो सकती है, वहीं long-term निवेशक इसे एक अवसर के रूप में देख सकते हैं। चांदी की industrial demand, renewable energy और electronics में उपयोग लगातार बढ़ रहा है। यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले हैं और volatility संभाल सकते हैं, तो current dip में entry एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।
सावधानी और रणनीति जरूरी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल गिरावट को देखकर निवेश का निर्णय न लें। बाजार में अस्थिरता और global economic indicators चांदी की कीमतों पर प्रभाव डालते हैं। जोखिम प्रबंधन और stop-loss जैसी रणनीतियाँ अपनाना short-term traders के लिए आवश्यक है।
निष्कर्ष
चांदी की 25% गिरावट निवेशकों के लिए सोचने का विषय है। यह गिरावट market correction और मुनाफावसूली का परिणाम हो सकती है, लेकिन अगर आप disciplined और long-term investor हैं, तो यह dip निवेश का अवसर पेश करती है। समझदारी और सही timing के साथ निवेश करने से बेहतर returns मिल सकते हैं।