भारत‑EU FTA से यूरोपीय कारों की कीमतों में बड़े बदलाव की तैयारी
नई दिल्ली:
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बन गई है। इस समझौते के लागू होने से भारत में यूरोप से आयातित लक्ज़री और प्रीमियम कारों की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है। ऑटो इंडस्ट्री विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे भारतीय खरीदारों को प्रीमियम कारों तक अधिक पहुंच मिलेगी।
कौन‑सी कारें सस्ती हो सकती हैं
FTA के लागू होने से खासकर सीधे यूरोप से आयात की जाने वाली (CBU) कारों पर असर दिख सकता है। कुछ प्रमुख उदाहरण:
- Mercedes-Benz AMG और Maybach मॉडल
- BMW M‑series और i4, Z4
- Audi Q8 और RS‑सीरीज
- Porsche 911, Cayenne, Macan
- Lamborghini Urus, Ferrari, Maserati
- Land Rover Defender, Rolls-Royce Ghost, Bentley Bentayga
विशेषज्ञों के अनुसार, इन कारों की कीमतों में लाखों रुपये तक की बचत हो सकती है।
FTA से कीमतें कब घटेंगी
पहले चरण में कस्टम ड्यूटी में लगभग 40% की कटौती की संभावना है, जो अगले 1–2 साल में 10% तक भी आ सकती है। हालांकि, GST, राज्य टैक्स और डीलर प्राइसिंग अंतिम कीमत को प्रभावित कर सकती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर कोई असर नहीं
ईवी सेक्टर पर FTA का असर फिलहाल नहीं होगा। यह कदम मुख्य रूप से भारतीय EV निर्माताओं को सुरक्षित रखने के लिए है, जैसे Tata Motors और Mahindra।
भारतीय खरीदारों के लिए इसका मतलब
इस समझौते से प्रीमियम और लक्ज़री कारें भारत में सस्ती और सुलभ हो सकती हैं। इससे ग्राहक विकल्प बढ़ेंगे और प्रतिस्पर्धा में भी इजाफा होगा।
विशेषज्ञों की राय
ऑटो इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि सीधे यूरोप से आयात होने वाली गाड़ियों पर सबसे बड़ा लाभ होगा, जबकि पहले से ही भारत में असेंबल (CKD) मॉडल्स पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।