Apple’s Profit Problem: वह Internal Memo जिसने निवेशकों को Panic-Selling पर मजबूर किया

On: February 1, 2026
Apple’s Profit Problem: वह Internal Memo जिसने निवेशकों को Panic-Selling पर मजबूर किया

Apple के शेयरों में हाल ही में तेजी से बिकवाली देखी गई है। इसका मुख्य कारण सिर्फ सामान्य market slowdown नहीं है, बल्कि कंपनी का एक आंतरिक memo है जिसने निवेशकों में चिंता पैदा कर दी है। यह memo संकेत देता है कि Apple के लिए आगामी समय में profitability बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

Component Costs का दबाव

Apple के उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले DRAM और NAND memory जैसे components की कीमतों में पिछले साल से काफी बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, DRAM की कीमतों में लगभग 200% और NAND में करीब 30% तक की वृद्धि हुई है। इससे Apple के hardware manufacturing cost पर सीधा असर पड़ा है और gross margins पर दबाव बढ़ गया है।

Internal Memo का प्रभाव

Memo में कर्मचारियों को संकेत दिया गया कि global economic challenges और rising component costs के कारण company के लिए profits बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। हालांकि यह memo सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन इसके leak होने से निवेशकों में uncertainty और panic selling बढ़ गई। कई निवेशक जल्दबाजी में shares बेचने लगे क्योंकि उन्हें भविष्य में Apple की profitability को लेकर चिंता हुई।

क्या वास्तव में समस्या इतनी बड़ी है?

विश्लेषकों का मानना है कि Apple के पास अभी भी मजबूत product ecosystem और services business है। iPhone, iPad, Mac और Apple Services की global demand मजबूत बनी हुई है। खासकर भारत जैसे बाजारों में Apple ने वित्त वर्ष 2024‑25 में लगभग 9 अरब डॉलर की बिक्री दर्ज की है, जो पिछले वर्ष से बढ़ी है। इस प्रकार, revenue के दृष्टिकोण से स्थिति पूरी तरह खराब नहीं है।

निवेशकों के लिए सीख

Apple की स्थिति यह दिखाती है कि केवल मजबूत brand या record sales ही निवेशकों को भरोसा नहीं दिला पाती। market sentiment और internal signals भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। जब internal memo या rising component costs जैसी चिंताएं सामने आती हैं, तो निवेशक risk कम करने के लिए shares बेचते हैं।

निष्कर्ष

Apple के सामने profitability पर दबाव है, लेकिन कंपनी की मजबूत product line और services revenue इसे संतुलित रख सकते हैं। निवेशकों को अपने strategy को rethink करना चाहिए और short-term panic से बचते हुए long-term fundamentals पर ध्यान देना चाहिए।

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