Amazon में एक बार फिर छंटनी, लेकिन शेयर बाजार में दिखी मजबूती नई दिल्ली:
दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स और टेक कंपनी Amazon ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है। इसके बावजूद कंपनी के शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। सवाल यह है कि जब कंपनी नौकरियां घटा रही है, तब शेयर क्यों चढ़ रहे हैं?
16,000 कर्मचारियों की कटौती, लागत घटाने पर फोकस
Amazon ने इस नई छंटनी में करीब 16,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। इससे पहले भी कंपनी एक चरण में हजारों नौकरियों में कटौती कर चुकी है। कंपनी का कहना है कि महामारी के दौरान तेज़ी से हुई भर्तियों के बाद अब संगठन को स्लिम और ज्यादा कुशल बनाने की जरूरत है। प्रबंधन स्तर कम कर निर्णय प्रक्रिया को तेज करना इस रणनीति का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।
बढ़ता रेवेन्यू, फिर भी सख्त फैसले
हालांकि Amazon का रेवेन्यू लगातार बढ़ रहा है और खासकर AWS (Amazon Web Services) और विज्ञापन कारोबार से मजबूत कमाई हो रही है, फिर भी कंपनी खर्चों पर नियंत्रण चाहती है। AI, क्लाउड और लॉजिस्टिक्स में भारी निवेश के चलते लागत बढ़ी है। ऐसे में छंटनी को लॉन्ग-टर्म मार्जिन सुधार की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
छंटनी के बावजूद Amazon स्टॉक में उछाल
दिलचस्प बात यह है कि छंटनी की खबर के बाद Amazon का शेयर (AMZN) गिरने के बजाय चढ़ता नजर आया। बाजार इसे नकारात्मक नहीं, बल्कि पॉजिटिव संकेत के रूप में देख रहा है। निवेशकों को लगता है कि लागत घटाने से कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो बेहतर हो सकता है, जिसका असर आने वाले तिमाही नतीजों में दिख सकता है।
Q4 नतीजों से पहले निवेशकों की रणनीति
Amazon जल्द ही अपने तिमाही नतीजे पेश करने वाला है। ऐसे में निवेशकों की नजर कंपनी के मार्जिन, फ्री कैश फ्लो और भविष्य की गाइडेंस पर टिकी हुई है। कई विश्लेषकों का मानना है कि AI और क्लाउड बिजनेस में Amazon की मजबूत पकड़ इसे लॉन्ग-टर्म में फायदा पहुंचा सकती है, हालांकि शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निष्कर्ष
Amazon की छंटनी यह दिखाती है कि बड़ी टेक कंपनियां अब सिर्फ ग्रोथ नहीं, बल्कि एफिशिएंसी और मुनाफे पर भी बराबर ध्यान दे रही हैं। शेयर में आई तेजी संकेत देती है कि बाजार इस फैसले को कंपनी की मजबूती के तौर पर देख रहा है। आने वाले नतीजे यह साफ करेंगे कि यह रणनीति निवेशकों के भरोसे पर कितनी खरी उतरती है।