52-सप्ताह के हाई से फिसले Adani Group के शेयर, निवेशकों के मन में बढ़े सवाल
नई दिल्ली:
भारतीय शेयर बाजार में Adani Group के कई प्रमुख शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर से बड़ी गिरावट दर्ज कर चुके हैं। ऊर्जा, गैस, पोर्ट्स और पावर जैसे अहम सेक्टर्स में सक्रिय यह समूह हाल के महीनों में निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बाजार में यह सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या किसी बड़े ट्रेंड का संकेत।
प्रमुख Adani शेयरों में कितनी आई गिरावट
बाजार आंकड़ों के अनुसार,
• Adani Enterprises अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर से लगभग 25–30 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा।
• Adani Green Energy और Adani Total Gas में 30 प्रतिशत से अधिक का करेक्शन देखा गया।
• Adani Power, Adani Ports और Adani Energy Solutions जैसे स्टॉक्स भी 20–25 प्रतिशत तक नीचे आ चुके हैं।
इन आंकड़ों से साफ है कि गिरावट किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समूह में देखने को मिली है।
गिरावट के पीछे क्या हैं बड़े कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई कारण काम कर रहे हैं।
• ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद प्रॉफिट बुकिंग
• वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और ब्याज दरों को लेकर चिंता
• नियामकीय और विदेशी निवेशकों से जुड़ी खबरों का असर
• वैल्यूएशन को लेकर निवेशकों की सतर्कता
इन सभी कारणों ने मिलकर Adani शेयरों पर दबाव बनाया है।
क्या अब रिकवरी की उम्मीद है
हाल के कुछ ट्रेडिंग सेशन्स में चुनिंदा Adani शेयरों में हल्की रिकवरी के संकेत भी देखने को मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर कुछ निवेशक फिर से खरीदारी में रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि रिकवरी की रफ्तार पूरी तरह बाजार भावना और कंपनी-विशेष अपडेट्स पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह समय धैर्य और सतर्कता दोनों का है। Adani Group की कई कंपनियां मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट्स से जुड़ी हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वहीं, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को वोलैटिलिटी को ध्यान में रखकर ही कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
Adani Group के शेयरों का 52-सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे आना यह दिखाता है कि बाजार अब ज्यादा सतर्क और चयनात्मक हो चुका है। आने वाले समय में नतीजे, कर्ज प्रबंधन और नियामकीय संकेत ही तय करेंगे कि यह गिरावट निवेश का मौका बनेगी या जोखिम।