आज शेयर बाजार में Garden Reach Shipbuilders & Engineers Ltd (GRSE) के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कंपनी के शेयरों में हाल ही में तेज़ी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ा है। निवेशक जानना चाहते हैं कि GRSE share price क्यों बढ़ रहा है और क्या यह रैली लंबे समय तक कायम रह सकती है।
GRSE Share Price Update
हाल के ट्रेडिंग सत्रों में GRSE के शेयर ने लगभग ₹2,640 तक की तेजी दर्ज की, जो पिछले कुछ महीनों में सबसे उच्च स्तर है। इसके पीछे कंपनी की मजबूत तिमाही (Q3 FY26) और बढ़ती प्रॉफिट रिपोर्ट मुख्य कारण हैं।
कंपनी ने Q3 में नेट प्रॉफिट में 74% वृद्धि दर्ज की, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले काफी मजबूत संकेत देता है। साथ ही GRSE ने ₹7.15 प्रति शेयर का interim dividend घोषित किया है, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।
तेजी के पीछे मुख्य कारण
मजबूत ऑर्डर-बुक और Defence Advantage
GRSE का मुख्य व्यवसाय युद्धपोत और समुद्री जहाज निर्माण है। कंपनी की ऑर्डर-बुक काफी मजबूत है, जिसमें Navy और Coast Guard के लिए कई प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। यह लंबी अवधि के लिए revenue visibility और शेयर में स्थिरता लाने में मदद करता है।
वित्तीय प्रदर्शन और निवेशकों का भरोसा
कंपनी के लगातार बेहतर तिमाही नतीजे और मजबूत फंडामेंटल्स ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके चलते शेयर में अचानक खरीदारी और technical breakout देखने को मिला।
Make in India और रक्षा उत्पादन का समर्थन
भारत सरकार की Make in India और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन नीति से GRSE जैसे PSU को फायदा मिल रहा है। यह कंपनी के ऑर्डर pipeline को मजबूत बनाने के साथ-साथ long-term growth prospects को भी बढ़ाता है।
Technical और Market Outlook
विश्लेषकों का कहना है कि GRSE का long-term outlook bullish है। हालांकि, short-term में volatility संभव है, इसलिए निवेशकों को entry और stop-loss स्तर पर ध्यान रखना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
- मजबूत ऑर्डर-बुक और quarterly earnings शेयर के लिए महत्वपूर्ण संकेतक हैं।
- सरकारी नीतियां और budget allocations स्टॉक मूव को प्रभावित कर सकते हैं।
- निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से रणनीतिक सलाह लेना जरूरी है।
GRSE का स्टॉक वर्तमान में डिफेंस सेक्टर में मजबूत fundamentals और बढ़ती मांग की वजह से आकर्षक निवेश विकल्प बनता जा रहा है