Warning for Traders: 1 फरवरी का Union Budget क्यों आपकी ट्रेडिंग रणनीति बदल सकता है

On: January 31, 2026
Warning for Traders: 1 फरवरी का Union Budget क्यों आपकी ट्रेडिंग रणनीति बदल सकता है

1 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट सिर्फ सरकार की आय-व्यय योजना नहीं होता, बल्कि यह शेयर बाजार के लिए साल का सबसे बड़ा इवेंट माना जाता है। इस बार बजट को लेकर ट्रेडर्स में खास सतर्कता देखी जा रही है, क्योंकि इसका असर short-term से लेकर long-term निवेश रणनीतियों तक पड़ सकता है।

बजट डे पर बाजार क्यों रहता है हाई अलर्ट पर

Union Budget के दिन बाजार में जबरदस्त volatility देखने को मिलती है। टैक्स, सरकारी खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपेक्स और सेक्टर-specific घोषणाएं सीधे शेयरों की दिशा तय करती हैं। कई बार बजट से पहले बाजार दबाव में रहता है और बजट के तुरंत बाद तेज मूवमेंट देखने को मिलता है।

बजट से पहले क्यों बदलता है ट्रेडर्स का मूड

ऐतिहासिक तौर पर देखा जाए तो बजट से पहले बाजार में अनिश्चितता बढ़ जाती है। ट्रेडर्स बड़े positions लेने से बचते हैं और risk कम करने की कोशिश करते हैं। वजह साफ है, किसी एक घोषणा से पूरा sentiment पलट सकता है। यही कारण है कि budget week में option premiums बढ़ते हैं और intraday swings तेज हो जाते हैं।

1 फरवरी का बजट इस बार क्यों ज्यादा अहम है

इस बार बजट ऐसे समय आ रहा है जब global markets पहले से ही ऊंची ब्याज दरों, geopolitical तनाव और टेक सेक्टर में दबाव से गुजर रहे हैं। ऐसे माहौल में सरकार का fiscal roadmap, capex allocation और tax structure बाजार की दिशा तय कर सकता है। खासतौर पर banking, infrastructure, defense, railways और capital goods सेक्टर पर निवेशकों की नजर रहेगी।

ट्रेडर्स के लिए क्या होनी चाहिए सही रणनीति

बजट के आसपास aggressive trading से बचना समझदारी मानी जाती है। short-term traders के लिए strict stop-loss और position sizing बेहद जरूरी हो जाती है। वहीं positional traders को sector-wise clarity आने तक धैर्य रखना बेहतर रहता है। कई अनुभवी ट्रेडर्स बजट के बाद बने trend को पकड़ने की रणनीति अपनाते हैं।

निवेशकों के लिए बजट का अलग मतलब

जहां traders volatility देखते हैं, वहीं long-term investors बजट में future growth के संकेत तलाशते हैं। सरकार का फोकस अगर infrastructure, manufacturing और रोजगार पर रहता है, तो यह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।

निष्कर्ष

1 फरवरी का Union Budget सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं, बल्कि बाजार की दिशा तय करने वाला मोड़ हो सकता है। ऐसे में ट्रेडर्स के लिए जरूरी है कि वे भावनाओं में नहीं, बल्कि योजना और जोखिम प्रबंधन के साथ बाजार में कदम रखें। सही तैयारी के साथ यह बजट खतरे से ज्यादा अवसर भी साबित हो सकता है।

Related Posts

Leave a Comment